दोगले लोगों पर शायरी

दोगले लोगों पर शायरी | 150+ Latest Shayari

दोगले लोगों पर शायरी उन लोगों के लिए है, जो सामने कुछ और और पीठ पीछे कुछ और होते हैं। ऐसे लोगों की बातें और उनका बदला हुआ व्यवहार अक्सर दिल को बहुत दुख देता है। खासकर तब, जब हम किसी पर पूरा भरोसा करते हैं और वही इंसान हमें धोखा दे देता है। दोगले लोग मीठी बातें करके अपना काम निकाल लेते हैं, लेकिन समय आने पर उनका असली चेहरा सामने आ जाता है। इसीलिए मन में छुपे दर्द और गुस्से को शब्दों में कहना जरूरी लगता है। इस संग्रह में आपको दोगले लोगों पर शायरी, मतलबी लोगों की शायरी और पीठ पीछे बातें करने वालों पर शायरी पढ़ने को मिलेंगी। ये शायरी दिल की सच्ची भावनाओं को आसान शब्दों में बयां करती हैं। आप इन्हें पढ़ सकते हैं, दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं या अपने स्टेटस पर लगा सकते हैं।

💔 चेहरे अलग, फितरत अलग

दोगले लोगों पर शायरी

कुछ लोग सामने अपने लगते हैं, मगर वक्त आने पर उनकी असली फितरत सामने आ जाती है।

01
दोगले लोग
सामने से मुस्कुराकर हाल पूछते हैं, पीठ पीछे वही लोग हमारा हिसाब रखते हैं।
02
असली चेहरे
चेहरे पर रिश्तों की मिठास लिए फिरते थे, हम क्या जानते थे, दिल में कुछ और लिए फिरते थे।
03
मतलबी चेहरे
उनकी नज़रों में अपनापन भी मौसम जैसा था, जरूरत बदली तो उनका व्यवहार भी बदल गया।
04
कड़वी सच्चाई
कुछ रिश्ते नाम के बहुत करीब होते हैं, मगर दिल से उनमें कोई रिश्ता नहीं होता।
05
दोहरा व्यवहार
हमने हर किसी को दिल से समझा, कुछ लोग हमें अपनी सुविधा से समझते रहे।
06
कपटी लोग
उनकी हर बात में मिठास घुली रहती थी, बस नीयत का स्वाद कभी मीठा नहीं लगा।
07
दिल की बात
हम चुप रहे तो इसे हमारी कमजोरी समझ बैठे, उन्हें क्या पता, हम बस अपना संस्कार निभा रहे थे।
08
कड़वे रिश्ते
रिश्तों की भीड़ में अकेला कर गए, जो सबसे ज्यादा अपने थे, वही पराए कर गए।
09
फितरत
वक्त ने चेहरों की तस्वीर साफ कर दी, कौन अपना था, ये दूरी ने बता दिया।
10
दोगली सोच
हमने उनके लिए अपनी सोच बदल ली, उन्होंने हमारे लिए अपना रंग बदल लिया।
11
रिश्तों की सच्चाई
किसी की बातों से नहीं, उसके बर्ताव से पहचानो, क्योंकि असली चेहरा शब्दों के पीछे छुपा होता है।
12
स्वार्थी लोग
कुछ लोग साथ नहीं, सिर्फ फायदा तलाशते हैं, काम पूरा होते ही रिश्तों की कीमत भूल जाते हैं।
13
खामोशी
अब हर चेहरे पर भरोसा नहीं करते, एक बार दोगलापन देख लिया तो फिर दूरी रखते हैं।
14
बदलते लोग
कल तक जो मेरी अच्छाइयां गिनाते थे, आज वही मेरी कमियां ढूंढते फिरते हैं।
15
दिल का दर्द
दर्द इस बात का नहीं कि लोग बदल गए, अफसोस ये है कि हम उन्हें समझ ही नहीं पाए।
16
अंतिम सच
दोगले लोगों से शिकायत भी क्या करें, उनकी फितरत ही है हर रिश्ते में चेहरा बदलना।

पीठ पीछे दोगले लोग शायरी

01
पीठ पीछे
सामने बैठकर हमारी तारीफ करते थे, पीछे जाकर हमारी ही कमी गिनाते थे।
02
दोहरा चेहरा
हमारी मौजूदगी में बड़े शरीफ बनते थे, हम हटे तो उनकी जुबान बदल जाती थी।
03
चुगली करने वाले
हमने जिन्हें अपनी बातें बताईं, उन्होंने उन्हीं बातों को बाजार में सजा दिया।
04
कड़वी सच्चाई
पीठ पीछे बोलने वालों से क्या लड़ना, उनकी औकात उनकी बातों से ही दिख जाती है।
05
मतलबी लोग
जब तक सामने थे, रिश्ते बड़े प्यारे थे, पीछे हटे तो उनके किस्से ही बदल गए।
06
पीठ पीछे बातें
मेरे सामने चुप रहने वाले, मेरे जाते ही बहुत कुछ कहने लगे।
07
दोगले लोग
हम सामने नहीं थे तो उन्हें हिम्मत आ गई, वरना हमारी आंखों में देखकर बोलना आसान नहीं था।
08
असली पहचान
पीठ पीछे कौन क्या कहता है, इससे ज्यादा जरूरी है कौन सामने क्या निभाता है।
09
दिल का दर्द
दुश्मनों की बातों का बुरा नहीं लगता, अपनों की पीठ पीछे कही बात चुभ जाती है।
10
दिखावटी लोग
उनकी मुस्कान पर हमें भरोसा था, पीछे उनकी बातों ने सब कुछ समझा दिया।
11
खामोश जवाब
जो मेरे बारे में पीठ पीछे बोलते हैं, उनके लिए मेरी खामोशी ही सबसे अच्छा जवाब है।
12
झूठे अपने
गैरों से तो सावधान रहते हैं हम, चोट तो अक्सर अपने ही चुपके से देते हैं।
13
बातों के लोग
हमारे सामने बड़े अपनेपन से मिलते हैं, पीछे हमारी गैरमौजूदगी में रंग बदलते हैं।
14
बदनाम करने वाले
जो खुद कभी सामने बात नहीं करते, वही दुनिया में हमारी कहानी सुनाते हैं।
15
रिश्तों की सच्चाई
पीठ पीछे बातें करने वालों से अब क्या कहना, हमने बस अपने कान और दिल दोनों बंद कर लिए।
16
आखिरी बात
पीठ पीछे बोलने वालों को बोलने दो, हमारी जिंदगी उनके शब्दों से नहीं चलती।

दोगले लोग स्टेटस

01
दोगले लोग
कुछ लोग सामने इतने सीधे बनते हैं, जैसे उनकी असलियत से उनका कोई वास्ता ही नहीं।
02
दोगली फितरत
जिनकी जुबान हर इंसान के लिए बदल जाती है, उनसे दूरी ही दिल के लिए बेहतर होती है।
03
कड़वा स्टेटस
हमें गिराने की कोशिश करने वाले बहुत मिले, मगर हम उनकी सोच से ऊपर उठते चले गए।
04
असली लोग
अच्छा होना अलग बात है, हर किसी को अच्छा समझ लेना हमारी भूल थी।
05
मतलबी चेहरे
जब तक हमारी जरूरत थी, तब तक पास रहे, जरूरत खत्म हुई तो रिश्ते भी खत्म हो गए।
06
दोहरा व्यवहार
मेरे सामने मेरी अच्छाई के किस्से थे, दूसरों के सामने वही मेरी बुराई करते थे।
07
दोगली दोस्ती
दोस्ती के नाम पर जो दिल में जगह बनाते हैं, वही कभी-कभी सबसे ज्यादा हैरान करते हैं।
08
फरेबी लोग
कुछ लोगों की पहचान बातों से नहीं होती, उनका असली सच वक्त खुद सामने लाता है।
09
दर्द भरा स्टेटस
सबसे ज्यादा चोट उन्हीं से मिली, जिनसे कभी चोट की उम्मीद नहीं थी।
10
कड़वे लोग
जिन्हें हर बात में कमी नजर आती है, अक्सर उनके अपने अंदर बहुत कुछ अधूरा होता है।
11
सच्चे रिश्ते
सच्चे रिश्ते सफाई नहीं मांगते, और झूठे रिश्ते हर बात पर सफाई देते हैं।
12
स्वार्थी दुनिया
इस दुनिया में कौन कितना अपना है, ये अक्सर जरूरत पड़ने पर ही पता चलता है।
13
दोगले लोग
हमसे कहते रहे कि दुनिया बहुत खराब है, बाद में पता चला कहानी में किरदार वही थे।
14
बेवजह दूरी
अब उनसे नाराज़गी भी नहीं होती, बस दिल कहता है ऐसे लोगों से दूर रहो।
15
समय की सीख
लोगों को पहचानने में जो वक्त लगा, उससे ज्यादा वक्त खुद को संभालने में लग गया।
16
खामोश जवाब
दोगले लोगों को जवाब देने की जरूरत नहीं, अपनी जिंदगी से निकाल देना ही काफी है।

मतलबी दोगले लोग शायरी

01
दोगले लोग
मुंह पर भाई कहकर गले मिलते रहे, पीठ पीछे हमारी ही बातें करते रहे।
02
मतलबी लोग
काम था तो रोज़ हाल पूछते थे, काम निकल गया तो रास्ता बदलते थे।
03
दोहरा चेहरा
कुछ लोगों को समझने में देर लग गई, वो जैसे दिखते थे, वैसे थे ही नहीं।
04
दोगली फितरत
वक्त पड़ने पर बड़े अपने बन जाते हैं, वक्त गुजरते ही पहचानने से मुकर जाते हैं।
05
स्वार्थी लोग
हमने तो उन्हें अपना मानकर जगह दी थी, उन्होंने हमें बस जरूरत भर याद रखा।
06
कड़वी सच्चाई
उनकी बातों पर नहीं, अब उनके काम पर यकीन है, क्योंकि जुबान तो उन्होंने कई बार बदली है।
07
दोगले रिश्ते
रिश्ता अपना था तो दर्द भी अपना समझते, मगर वो तो हर बात में फायदा देखते रहे।
08
मतलबी दोस्त
दोस्ती का नाम लेकर पास आते रहे, अपने मतलब के बाद दूर जाते रहे।
09
असली चेहरा
समय ने बस इतना सा एहसान किया, जिन्हें समझ नहीं पाए थे, उन्हें समझा दिया।
10
दोगली सोच
हमारी गलती पर दुनिया भर की बातें करते हैं, अपनी बारी आए तो चुप्पी साध लेते हैं।
11
दिल की बात
अब किसी की मीठी बातों में जल्दी नहीं आते, बहुत करीब से लोगों के बदलते चेहरे देखे हैं।
12
स्वार्थ
जहां मतलब दिखा, वहीं रिश्ते बना लिए, जहां मतलब नहीं था, वहां हमें भुला दिया।
13
दोगले लोग
अपनी बात में वो सच्चाई ढूंढते हैं, दूसरों की बात में हमेशा कमी निकालते हैं।
14
कड़वे लोग
जिन्हें गैरों की गलती साफ दिखाई देती है, उन्हें अपने घर का आईना दिखाई नहीं देता।
15
बदलते लोग
पहले उनकी हर बात खास लगती थी, अब समझ आया, वो बात सबको खास लगती थी।
16
आखिरी बात
दोगले लोगों से अब कोई गिला नहीं रखते, बस जहां इज्जत न मिले, वहां कदम नहीं रखते।

दोगले लोगों की पहचान अक्सर समय के साथ ही होती है। जो लोग सामने मीठी बातें करते हैं और पीछे बुरा बोलते हैं, उनसे दूर रहना ही बेहतर होता है। जिंदगी में ऐसे लोगों से हमें एक सीख जरूर मिलती है कि हर किसी पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। उम्मीद है कि आपको दोगले लोगों पर शायरी का यह संग्रह पसंद आया होगा और आपके दिल की बात इन शायरियों में कहीं न कहीं जरूर मिली होगी। अगर आपको ये शायरियां अच्छी लगीं, तो इन्हें अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर भी लगा सकते हैं।

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